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पीआई अवकिरा (पायरोक्ससल्फोन 85% डब्ल्यूजी) – गेहूं में प्रभावी खरपतवार नियंत्रण के लिए पूर्व-उद्भव शाकनाशी
पीआई अवकिरा एक अगली पीढ़ी का पूर्व-उद्भव शाकनाशी है जिसे पायरोक्ससल्फोन 85% डब्ल्यूजी के साथ तैयार किया गया है। इसे विशेष रूप से गेहूं की फसल में प्रतिरोधी फालारिस माइनर के प्रबंधन के लिए बनाया गया है। अवकिरा उत्कृष्ट फसल सुरक्षा के साथ एक ही बार में पूरे मौसम के लिए नियंत्रण प्रदान करता है और अंकुरण के बाद खरपतवारनाशक के प्रयोग से जुड़ी चुनौतियों को समाप्त करता है।
उत्पाद विनिर्देश
तकनीकी सामग्री
पायरोक्ससल्फोन 85% डब्ल्यूजी
फॉर्मूलेशन प्रकार
जल में घुलनशील दाने (डब्ल्यूजी)
प्रकार
पूर्व-उद्भव शाकनाशी
कार्यप्रणाली
बहुत लंबी श्रृंखला वाले वसा अम्लों (वीएलसीएफए) के जैवसंश्लेषण को रोकता है, कोशिका विभाजन को बाधित करता है और अंकुरण अवस्था में ही खरपतवारों को नष्ट कर देता है।
लक्षित फसलें
गेहूं, मक्का, सोयाबीन
लक्षित खरपतवार
इचिनोक्लोआ क्रुसगल्ली, एलुसीन इंडिका, फाइलेन्थस निरूरी, अमरान्थस विरिडिस, सेलोसिया अर्जेंटिया, डिगेरा आर्वेन्सिस, इचिनोक्लोआ कोलोनम, ट्रायन्थेमा पोर्टुलाकास्ट्रम, फालारिस माइनर
अनुशंसित मात्रा
60 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग विधि
समतल पंखे वाले नोजल वाले नैपसैक स्प्रेयर या पीआई स्प्रे मशीन का उपयोग करके अंकुरण-पूर्व मिट्टी में छिड़काव करें
निर्माता
पीआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड
मुख्य लाभ
एक बार में समाधान: एक बार अंकुरण-पूर्व छिड़काव से प्रतिरोधी फालारिस माइनर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है।
पूरे मौसम तक सुरक्षा: फसल की वृद्धि अवधि के दौरान अवशिष्ट नियंत्रण प्रदान करता है।
उत्कृष्ट फसल सुरक्षा: विभिन्न खेत स्थितियों में भी गेहूं की फसल के लिए सुरक्षित।
प्रयोग में आसानी: फसल उगने के बाद छिड़काव की झंझटों को दूर करता है, जिससे श्रम और समय की बचत होती है।
उपज क्षमता में सुधार: फसल और खरपतवार के बीच प्रतिस्पर्धा को कम करता है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और अधिक उपज प्राप्त होती है।
प्रयोग और मात्रा
फसलें: गेहूं, मक्का, सोयाबीन
लक्षित खरपतवार: फैलेरिस माइनर, इचिनोक्लोआ क्रुसगैली, अमरंथस विरिडिस, एलुसीन इंडिका और अन्य प्रतिरोधी खरपतवार
अनुशंसित मात्रा: 60 ग्राम प्रति एकड़
प्रयोग विधि: अनुशंसित जल मात्रा और उपकरण का उपयोग करके, फसल उगने से पहले मिट्टी पर छिड़काव करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: PI Awkira प्रतिरोधी फैलेरिस माइनर के विरुद्ध प्रभावी क्यों है? उत्तर 1: इसका सक्रिय घटक पायरोक्ससल्फोन VLCFA जैवसंश्लेषण को रोकता है, जिससे खरपतवारों का प्रारंभिक अवस्था में ही अंकुरण और विकास रुक जाता है।
प्रश्न 2: अवकिरा का प्रयोग कब करना चाहिए? उत्तर: अवकिरा का प्रयोग बुवाई के बाद, फसल और खरपतवार के उगने से पहले करना चाहिए।
प्रश्न 3: क्या अवकिरा का प्रयोग गेहूं के अलावा अन्य फसलों में भी किया जा सकता है? उत्तर: हाँ, यह मक्का और सोयाबीन के खेतों के लिए भी उपयुक्त है जहाँ समान प्रकार के खरपतवार पाए जाते हैं।
प्रश्न 4: अवकिरा की फसल सुरक्षा प्रोफ़ाइल क्या है? उत्तर: अवकिरा गेहूं के लिए सुरक्षित है और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रयोग करने पर उत्कृष्ट चयनात्मकता दर्शाती है।
अस्वीकरण: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ के लिए है। उत्पाद लेबल और लीफलेट पर दिए गए निर्देशों और सुरक्षा दिशानिर्देशों का हमेशा पालन करें।