पीआई ओशीन अल्ट्रा डिनोटेफुरान 70% डब्ल्यूजी कीटनाशक
संक्षिप्त विवरण: पीआई ओशीन अल्ट्रा एक उच्च-प्रदर्शन वाला, जल में घुलनशील दानेदार (डब्ल्यूजी) कीटनाशक है जिसमें 70% डिनोटेफुरान होता है, जो चूसने वाले कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करता है। यह प्रणालीगत कीटनाशक कपास, बैंगन और चावल की फसलों पर उपयोग के लिए आदर्श है, जो पौधों को हानिकारक कीटों से प्रभावी ढंग से बचाता है और दीर्घकालिक फसल स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। ओशीन अल्ट्रा कीटों को बाहरी और आंतरिक दोनों तरह से लक्षित करके त्वरित और कुशल कीट प्रबंधन सुनिश्चित करता है, जिससे नुकसान से स्थायी सुरक्षा मिलती है।
मुख्य विशेषताएं:
सक्रिय घटक: डिनोटेफुरान 70% डब्ल्यूजी (जल में घुलनशील दाने)
लक्षित फसलें: कपास, बैंगन, चावल
नियंत्रित कीट: एफिड्स, सफेद मक्खियाँ, जैसिड्स, लीफहॉपर्स, ब्राउन प्लांट हॉपर्स, व्हाइट-बैक्ड प्लांट हॉपर्स, ग्रीन लीफहॉपर्स
प्रणालीगत क्रिया: पौधे द्वारा अवशोषित होकर बाहरी और आंतरिक दोनों तरह से सुरक्षा प्रदान करता है।
दीर्घकालिक नियंत्रण: विभिन्न प्रकार के कीटों से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है।
किफायती उपयोग: प्रभावी परिणामों के लिए कम खुराक की आवश्यकता होती है, जिससे किसानों को लागत में बचत होती है।
लाभ:
व्यापक सुरक्षा: एफिड्स, सफेद मक्खियाँ, जैसिड्स और हॉपर्स सहित कई प्रमुख चूसने वाले कीटों से फसलों की रक्षा करता है।
प्रणालीगत क्रिया: डिनोटेफुरान पौधे के ऊतकों में अवशोषित हो जाता है, जिससे अंदर से कीटों का पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित होता है, कवरेज और कीट प्रबंधन को अधिकतम करता है।
किफायती: अन्य कीटनाशकों की तुलना में ओशीन अल्ट्रा को कम बार इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे समय और पैसा बचता है।
तेज़ असर: कीटों को तुरंत नष्ट करता है और फसल को होने वाले नुकसान को कम करता है।
सुरक्षित और आसान प्रयोग: पानी में घुलनशील दानेदार संरचना के कारण इसे मिलाना और लगाना आसान है, और बहाव का खतरा कम से कम है।
अनुशंसित फसलें और कीट:
कपास: एफिड्स, सफेद मक्खियों और लीफहॉपर्स को नियंत्रित करता है।
बैंगन: जैसिड्स, एफिड्स और सफेद मक्खियों के खिलाफ प्रभावी।
चावल: ब्राउन प्लांट हॉपर्स, व्हाइट-बैक्ड प्लांट हॉपर्स और ग्रीन लीफहॉपर्स को लक्षित करता है।
प्रयोग संबंधी सुझाव:
मात्रा: 20-30 ग्राम प्रति एकड़ (फसल के प्रकार और कीटों के दबाव के आधार पर समायोजित)।
विधि: नैपसैक स्प्रेयर या मानक स्प्रेइंग उपकरण के माध्यम से पत्तियों पर छिड़काव।
कटाई पूर्व अंतराल (PHI): फसल संबंधी विशिष्ट जानकारी के लिए उत्पाद लेबल देखें।
पुनः प्रवेश अवधि: छिड़काव के बाद कम से कम 24 घंटे तक उपचारित क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचें।
सुरक्षा सावधानियां:
मधुमक्खियों के लिए विषैला: लाभकारी परागणकर्ताओं की सुरक्षा के लिए सक्रिय परागण समय के दौरान छिड़काव से बचें।
त्वचा संवेदनशीलता: त्वचा में हल्की जलन पैदा कर सकता है; सीधे संपर्क से बचें।
सुरक्षात्मक उपकरण: छिड़काव के दौरान दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
प्राथमिक उपचार: संपर्क में आने की स्थिति में, लक्षणों और प्राथमिक उपचार निर्देशों के लिए उत्पाद पत्रक देखें।
प्रतिरोधक: कोई विशिष्ट प्रतिरोधक नहीं है; विषाक्तता होने पर लक्षणों के अनुसार उपचार करें।
सावधानी:
केवल लेबल पर सूचीबद्ध फसलों पर ही प्रयोग करें।
मधुमक्खियों के परागण के समय छिड़काव से बचें।
जल निकायों के संदूषण को रोकें क्योंकि यह उत्पाद जलीय जीवन के लिए हानिकारक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
PI Osheen Ultra क्या है?
PI Osheen Ultra एक प्रणालीगत कीटनाशक है जिसमें 70% WG डाइनोटेफ्यूरान होता है, जो एफिड्स, सफेद मक्खियों और लीफहॉपर्स जैसे रस चूसने वाले कीटों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है।
PI Osheen Ultra से किन फसलों का उपचार किया जा सकता है?
यह कपास, चावल, बैंगन, टमाटर और अन्य फलों (अंगूर, खट्टे फल, अनार) और सजावटी पौधों जैसी फसलों के लिए उपयुक्त है।
यह किन कीटों को नियंत्रित करता है?
यह सफेद मक्खियों, एफिड्स, जैसिड्स, लीफहॉपर्स और अन्य रस चूसने वाले कीटों के खिलाफ प्रभावी है।
Osheen Ultra कैसे काम करता है?
डिनोटेफ्यूरान कीट के तंत्रिका तंत्र को बाधित करता है, जिससे लकवा और मृत्यु हो जाती है, और इसकी प्रणालीगत प्रकृति नए अंकुरों को भी सुरक्षा प्रदान करती है।
Osheen Ultra की अनुशंसित खुराक क्या है?
20-30 ग्राम प्रति एकड़ (फसल के प्रकार और कीटों के दबाव के आधार पर)। विशिष्ट निर्देशों के लिए हमेशा लेबल देखें।
PI Osheen Ultra Dinotefuran 70% WG कीटनाशक प्रमुख फसलों पर व्यापक कीट प्रबंधन के लिए एक आदर्श समाधान है, जो स्वस्थ और उच्च उपज देने वाले पौधों को सुनिश्चित करता है। अपनी तीव्र क्रिया और प्रणालीगत प्रभाव के साथ, यह बेजोड़ सुरक्षा और दक्षता प्रदान करता है, जिससे किसानों को भरपूर और टिकाऊ फसल प्राप्त करने में मदद मिलती है।