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किलॉग – धान के लिए पूर्व-उद्भव चयनात्मक खरपतवारनाशक
किलॉग धान (चावल) में प्रभावी खरपतवार प्रबंधन के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया एक पूर्व-उद्भव चयनात्मक खरपतवारनाशक है। यह सेज और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर उत्कृष्ट नियंत्रण प्रदान करता है और घासों पर उचित नियंत्रण सुनिश्चित करता है, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ फसल प्राप्त होती है। किलॉग जड़ और पत्ती दोनों द्वारा अवशोषण के माध्यम से कार्य करता है और पौधे के मेरिस्टेमेटिक क्षेत्रों तक पहुँचकर खरपतवारों के अंकुरण से पहले ही उनकी वृद्धि को प्रभावी ढंग से रोक देता है।
कम खुराक वाले फॉर्मूलेशन और बेहतर पर्यावरणीय सुरक्षा के कारण, किलॉग धान की खेती की कई प्रणालियों के लिए उपयुक्त है, जिनमें सीधी बुवाई (डीएसआर), नर्सरी बेड और रोपित धान के खेत शामिल हैं। इसकी उच्च चयनात्मकता यह सुनिश्चित करती है कि यह फसल के स्वास्थ्य को प्रभावित किए बिना खरपतवारों को लक्षित करे, जिससे यह आधुनिक चावल किसानों के लिए एक आदर्श विकल्प बन जाता है।
उत्पाद विवरण
ब्रांड
NACL इंडस्ट्रीज लिमिटेड
उत्पाद का नाम
किलॉग हर्बिसाइड
प्रकार
प्रसवपूर्व चयनात्मक हर्बिसाइड
लक्षित खरपतवार
सेज, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार और कुछ घास
कार्यप्रणाली
जड़ों और पत्तियों द्वारा अवशोषित; खरपतवार की वृद्धि को रोकने के लिए मेरिस्टेम तक पहुँचाया जाता है
सूत्र
दानेदार/गीला सूत्र (पैकेजिंग के अनुसार)
प्रयोग का समय
बुवाई या रोपाई के 0-3 दिन बाद (खरपतवार उगने से पहले)
उपयुक्त फसल प्रणालियाँ
सीधी बोई गई धान (DSR), नर्सरी और रोपित धान
कार्यप्रणाली
किलॉग उगते हुए खरपतवारों की जड़ों और पत्तियों द्वारा अवशोषित होता है और बढ़ते हुए मेरिस्टेम तक पहुँचाया जाता है। यह संवेदनशील खरपतवार प्रजातियों में प्रमुख वृद्धि प्रक्रियाओं को रोकता है, जिसके परिणामस्वरूप प्रभावी अंकुरणपूर्व नियंत्रण होता है। यह फार्मूला सुनिश्चित करता है कि खरपतवार न उगें, जिससे धान की फसल के शुरुआती विकास चरणों के दौरान खरपतवार मुक्त वातावरण बना रहता है।
विशेषताएं
कम मात्रा वाला खरपतवारनाशक: कम मात्रा में प्रयोग करने के कारण अत्यधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल।
व्यापक नियंत्रण: घास वाले खरपतवारों को नियंत्रित करने में सक्षम, साथ ही सेज और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों पर भी उचित नियंत्रण प्रदान करता है।
लचीला प्रयोग: नर्सरी, सीधे बोए गए और रोपाई वाले धान के खेतों के लिए उपयुक्त।
मिट्टी के अनुकूल: मिट्टी के भौतिक, रासायनिक या सूक्ष्मजीवीय गुणों को प्रभावित नहीं करता।
फसल चक्र में सुरक्षित: कई फसल चक्र प्रणालियों में सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।
लगातार प्रदर्शन: विभिन्न खेत की स्थितियों में प्रभावी, निरंतर खरपतवार नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
सिफ़ारिशें
फसल
नियंत्रित खरपतवार प्रजातियाँ
मात्रा (ग्राम/हेक्टेयर)
जल की मात्रा (लीटर/हेक्टेयर)
रोपित धान
साइपरस इरिया, साइपरस डिफॉर्मिस, फिम्ब्रिस्टिलिस मिलियासिया, मोनोकोरिया वैजिनैलिस, लुडविगिया पार्विफ्लोरा
100 – 150 ग्राम/हेक्टेयर
500 – 600 लीटर/हेक्टेयर
प्रयोग का समय: बुवाई या रोपाई के 0 – 3 दिन बाद प्रयोग करें। अधिकतम प्रभावशीलता के लिए खरपतवारों के उगने से पहले छिड़काव करना आवश्यक है।
प्रयोग विधि
किलॉग की अनुशंसित मात्रा को पर्याप्त पानी में मिलाकर नैपसैक या पावर स्प्रेयर से समान रूप से छिड़काव करें।
पूरे खेत में समान रूप से छिड़काव के लिए बारीक स्प्रे बनाए रखें।
प्रसारण के 7 – 10 दिनों तक मिट्टी की सतह को न छेड़ें।
प्रयोग से पहले और बाद में खेत में पर्याप्त नमी सुनिश्चित करें।
सुरक्षा एवं सावधानियां
प्रयोग के दौरान सुरक्षात्मक वस्त्र, दस्ताने और चश्मा पहनें।
आसपास की गैर-लक्षित फसलों या जल निकायों पर छिड़काव न होने दें।
जब तक अनुशंसित न हो, अन्य रसायनों के साथ न मिलाएं।
खाद्य और पशु आहार से दूर ठंडी, सूखी जगह पर संग्रहित करें।
बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: किलॉग का उपयोग किस लिए किया जाता है? किलॉग एक पूर्व-उद्भव चयनात्मक खरपतवारनाशक है जिसका उपयोग धान के खेतों में सेज, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार और घास को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 2: किलॉग का प्रयोग कब करना चाहिए? इसे बुवाई या रोपाई के 0-3 दिनों के भीतर, खरपतवारों के उगने से पहले प्रयोग करना चाहिए।
प्रश्न 3: क्या किलॉग फसलों और मिट्टी के लिए सुरक्षित है? हां, किलॉग का मिट्टी के भौतिक-रासायनिक या सूक्ष्मजीवी गुणों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है, जिससे यह फसलों और पर्यावरण के लिए सुरक्षित है।
प्रश्न 4: क्या इसका उपयोग डीएसआर और नर्सरी धान में किया जा सकता है? जी हां, यह सीधे बोए गए धान (डीएसआर), नर्सरी और रोपित धान प्रणालियों के अनुकूल है।
प्रश्न 5: इसके प्रयोग के लिए पानी की कितनी आवश्यकता है? उचित कवरेज और प्रभावी खरपतवार नियंत्रण के लिए प्रति हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी का प्रयोग करें।
अस्वीकरण: उपरोक्त जानकारी केवल संदर्भ के लिए है। उत्पाद लेबल और लीफलेट पर दिए गए निर्देशों और सुरक्षा दिशानिर्देशों का हमेशा पालन करें।