✦ ₹499 से अधिक के ऑर्डर पर मुफ्त डिलीवरी✦ भारत भर में 2 लाख से अधिक किसानों का भरोसा।✦ दोपहर 2 बजे से पहले दिए गए ऑर्डर उसी दिन डिस्पैच किए जाएंगे।✦ 100% असली और वास्तविक उत्पाद✦ ₹499 से अधिक के ऑर्डर पर मुफ्त डिलीवरी✦ भारत भर में 2 लाख से अधिक किसानों का भरोसा।✦ दोपहर 2 बजे से पहले दिए गए ऑर्डर उसी दिन डिस्पैच किए जाएंगे।✦ 100% असली और वास्तविक उत्पाद
कात्यायनी पीआरएम ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर एक फॉस्फेट युक्त जैविक खाद (पीआरओएम) है जिसे मिट्टी की सेहत सुधारने और फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह मिट्टी के भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणों को समृद्ध करता है, ह्यूमस निर्माण को बढ़ावा देता है और बीजों के अंकुरण को बढ़ाता है। पर्यावरण के अनुकूल और पोषक तत्वों से भरपूर, यह सभी फसलों, सब्जियों, फलों और फूलों के लिए उपयुक्त है। इस खाद में फॉस्फेट घुलनशील जीवाणु (पीएसबी) और नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु होते हैं, जो पोषक तत्वों की उपलब्धता और फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। सतत कृषि के लिए आदर्श, कात्यायनी पीआरओएम मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है, साथ ही किफायती और पर्यावरण के अनुकूल भी है। विशिष्टताएँ: ब्रांड: कात्यायनी, किस्म: पीआरओएम, संरचना: फॉस्फेट युक्त जैविक खाद, मात्रा: छोटे पौधों के लिए 30 ग्राम, बड़े पौधों के लिए 60 ग्राम, कृषि क्षेत्रों में 200 किलोग्राम/एकड़, उपयोग: सभी अनाज, दालें, सब्जियां, फल, फूल। मुख्य विशेषताएं: फॉस्फेट युक्त फार्मूला: पौधों को बेहतर विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार: अपघटन के दौरान CO2 मुक्त करके मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाता है। पर्यावरण के अनुकूल: 100% प्राकृतिक और जैविक, सतत कृषि पद्धतियों को सुनिश्चित करता है। अंकुरण को बढ़ावा: बीज अंकुरण और प्रभावी जड़ विकास को बढ़ावा देता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता: पौधों की जड़ों को मजबूत बनाता है। रोगों से प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। लाभ: मिट्टी और पौधों में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाता है। बेहतर मृदा संरचना के लिए ह्यूमस निर्माण में सहायक होता है। बीजों के अंकुरण और पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है। मिट्टी की क्षारीयता को कम करके फसल की कुल उपज बढ़ाता है। किफायती और रसायन रहित होने के कारण दीर्घकालिक उपयोग के लिए सुरक्षित है। उपयोग: छोटे पौधे: जड़ के आसपास 30 ग्राम का प्रयोग करें। बड़े पौधे: प्रति पौधा 60 ग्राम का प्रयोग करें। कृषि क्षेत्र: अनाज, दालों, फलों और सब्जियों के लिए प्रति एकड़ 200 किलोग्राम का प्रयोग करें।